(English) Top 10 Symptoms Of Depression
Health Hunt Please change Orientation

Want to unlock the secrets of holistic health?

Yes, tell me more No, I like living in oblivion
3
Notifications Mark all as read
Loader Image
No notifications found !
  • English
  • हिन्दी
3
Notifications Mark all as read
Loader Image
No notifications found !
हमारे साथ साझा करें
  • English
  • हिन्दी
Default Profile Pic

0 New Card

अवसाद के १० लक्षण

मानसिक स्वास्थ्य
Team healthhunt
5 min read

अवसाद के १० लक्षण

  • 356 Likes
  • 0 Comment

ध्यान रखें कि नैदानिक अवसाद और उसके लक्षण एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में अलग-अलग पाए जा सकते हैं। अगर आप में आगे बताए जाने वाले एक या उससे ज्यादा लक्षण पाए जाते हैं तो इसका अर्थ ये कतई नहीं है कि आप अवसादित ही हैं।

‘अवसादित’- इस शब्द को हम बड़े हल्के में लेते हैं। ‘मुझे परिक्षा में अच्छे नंबर नहीं मिले, इसलिए मैं अवसादित हूं’। ‘मेरे कपड़े मुझे फ़िट नहीं हो रहे हैं, इसलिए मैं अवसादित हूं’। लेकिन अवसाद इन सभी से कहीं बड़ी समस्या है। इस शब्द का अर्थ कोई प्रासंगिक दु:ख, अस्थायी मन:स्थिति में बदलाव, नाराज़ रहना या अकेलापन ही नहीं है। इसके सही-सही लक्षण जानने के लिए इस लेख पढ़ते रहें। क्या पता, आप अपने किसी मित्र या परिवार के सदस्य की मदद कर सकें। या फिर अपनी ही।


ध्यान रखें कि नैदानिक अवसाद और उसके लक्षण एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में अलग-अलग पाए जा सकते हैं। अगर आप में आगे बताए जाने वाले एक या उससे ज्यादा लक्षण पाए जाते हैं तो इसका अर्थ ये कतई नहीं है कि आप अवसादित ही हैं। अवसाद आपको अंदर ही अंदर खाता जाता है, और आपको हर तरफ से परेशान करते हुए सामान्य रूप से कोई भी कार्य नहीं करने देता। अवसाद के लक्षण इस प्रकार हैं...


  1. उत्साहपूर्वक किए जाने वाले कार्यों में ऊर्जा की कमी- नौकरी, मित्र, शौक, गतिविधियां, यौन क्रिया- इन सभी में ज़रा भी रुचि ना रह जाना।
  2. भूख और वज़न में बदलाव- एक महीने में आपके शारीरिक वज़न में बिना किसी उचित कारण के 5% तक का बदलाव आ जाना। ये आपके लिए खतरे की घंटी हो सकती है। काफी कम या कहीं ज्यादा भोजन करना अवसाद का लक्षण है।
  3. निद्रा की मात्रा में बदलाव- बहुत कम सोना, बेवक्त जाग जाना, अनिद्रा या काफी ज़्यादा सोना भी अवसाद के लक्षण हैं।
  4. अस्पष्ट पीड़ा और दर्द- बिना किसी चिकित्सिक कारण के पेट दर्द, सिरदर्द और पीठ में दर्द होना अवसाद के लक्षण हो सकते हैं।
  5. मनोभाव- हर समय खुद को बेकार समझना, निराश और असहाय महसूस करना, हर बात के लिए खुद को दोषी मानना, कुंठा, गुस्सा, चिंता, घबड़ाहट और लगातार चिढ़चिढ़ापन इन्हें भी नज़रअंदाज़ नहीं किया जाना चाहिए। अवसादित व्यक्ति आमतौर पर खुद को लेकर बहुत ज़्यादा आलोचनात्मक बन जाता है। वह अक्सर अपने भूतकाल की असफलताओं और उन बातों के बारे में भी सोचता रहता है जिसमें उसकी गलती नहीं थी।   
  6. खुद से घृणा- जब आपको हर वक्त ऐसा लगने लगे कि हर चीज़ में मेरी ही गलती थी, कोई मुझसे प्यार नहीं करता, मैं बेकार हूं और हर बार गलती करता हूं तो समझिए आपका डॉक्टर के पास जाने का समय आ गया।    
  7. लापरवाह व्यवहार- वह व्यक्ति जो काफी अधिक मात्रा में शराब और ड्रग्स लेने लगे, लापरवाह होकर जुआ खेले, लापरवाही से गाड़ी चलाए या खतरनाक खेल खेले या फिर अनिवार्य रूप से जुआ खेले तो ऐसा हो सकता है कि इन सभी की आड़ में कहीं ना कहीं वह अपने अवसाद को छिपा रहा है।
  8. ध्यान केंद्रित ना होना- अगर किसी भी साधारण सी चीज़ पर ध्यान देना भी आपको एक कठिन कार्य लगे। कोई बात याद रखना और फैसले करना असंभव सा हो जाए तो यह अवसाद के लक्षण हो सकते हैं।
  9. ऊर्जा की कमी- अवसादित व्यक्ति को हमेशा सुस्ती, आलस्य और छोटे काम करने में भी ज्यादा थकावट महसूस होती है।
  10. विचार, बातचीत और आत्महत्या के खयाल- कोई भी वह व्यक्ति जो हमेशा आत्महत्या या मृत्यु की बातें करे या उसके बारे में सोचे या फिर आत्महत्या करने की कोशिश करे।

अगर आपको इनमें से कोई भी लक्षण दो हफ्ते से ज़्यादा तक नज़र आए, तो डॉक्टर की सलाह लें। अवसाद से ग्रस्त रोगी आमतौर पर हमेशा दु:खी, चिंतित या खालीपन महसूस करता है। वह बिना किसी कारण के कई बार रोता हुआ भी पाया जा सकता है। पुरुषों में अवसाद के लक्षण ज़्यादातर गुस्सा, चिढ़चिढ़ापन, थकान, नौकरी, मित्रों और दूसरे रुचिकर कार्यों को करने की इच्छा में कमी के रूप में देखे जा सकते हैं। वहीं महिलाओं में इसके लक्षण भूख में कमी, निद्रा की मात्रा में बदलाव, खुद को दोषी मानना, बेकार समझना और कुंठा के रूप में सामने आते हैं। अगर युवाओं और किशोरों की बात करें तो उनमें अवसाद के लक्षण गुस्सा और चिढ़चिढ़ापन, भूख और निद्रा की मात्रा में बदलाव और अस्पष्ट पीड़ा और दर्द के रूप में देखे जा सकते हैं।


अवसाद जैसी गंभीर बीमारी को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए और ना ही इसके लिए शर्मिंदा होने की ज़रुरत है। किसी भी और बीमारी की तरह यह भी एक चिकित्सिय अवस्था है और इसका इलाज है। अगर आप अवसादित हैं तो डॉक्टर से बात किजिए। अगर आप डॉक्टर के पास नहीं जाना चाहते तो अपने किसी मित्र या परिवार के सदस्य जिसके साथ सुखद महसूस करें उससे बात कीजिये।

Comment (0)

Submit Loader Image
Team healthhunt

Team healthhunt

test
Team healthhunt

Team healthhunt

test


By clicking “Accept” or continuing to use our site, you agree to our Privacy policy for website

Ask the Experts

Some things to keep in mind

Have a question related to the following? We’d love to help. Please submit your query, and feel free to leave your name or choose the option of staying anonymous. If our team of experts are able to respond, you will be notified via email, and an article might be published with the response.



  • Nutrition
  • Fitness
  • Organic Beauty
  • Mental Wellbeing
  • Love
Cancel

Keep me anonymous. Cancel

Thank you! We look forward to answering your question.

All responses can be seen in the ‘My Hunts’ section.