माइग्रेन का घरेलु उपचार
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माइग्रेन का घरेलु उपचार

आर्गेनिक ब्यूटी
Team healthhunt
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माइग्रेन का घरेलु उपचार

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अगर आप पर माइग्रेन का हमला हो रहा होता है, तो अगर यह उपाय आपके लिए काम ना करे, तो ऐसे कई घरेलु उपचार जो आपकी मदद कर सकते हैं।

माइग्रेन आमतौर पर सिर के आधे हिस्से में होने वाले कष्टदायी सिरदर्द से शुरू होता है। प्रकाश और शोर, मतली और उल्टी के प्रति अत्यधिक संवेदनशीलता इसमें शामिल होते हैं। अगर आप पर माइग्रेन का हमला हो रहा होता है, तो अंधेरे और शोररहित कमरे में सोना सबसे हितकर होता है। हालांकि, अगर यह उपाय आपके लिए काम ना करे, तो ऐसे कई घरेलु उपचार जो आपकी मदद कर सकते हैं।

यहां हम आपको बता रहे हैं उनमें से हमारे कुछ चुने हुए उपाय:


1. अंगूर का रस-


अंगूर में मौजूद विटामिन सी और बी१२ और अंगूर के बीजों में पाया जाने वाला राइबोफ्लेविन माइग्रेन में राहत दिलाने के लिए सबसे कारगर होते हैं। बिना चीनी मिलाए घर पर बना अंगूर का रस दिन में दो बार पीने से आपको श्रेष्ठ परिणाम मिलेंगे।

2. कॉफी-


कुछ लोगों को लगता है कि कैफ़ीन से उनमें माइग्रेन की शिकायत पैदा हुई। जबकि, इसके उलट कम मात्रा में कैफ़ीन लें तो यह रक्त वाहिकाओं पर लगाम लगाकर और माइग्रेन का दर्द पैदा करने वाले कुछ अभिग्राहकों को रोकता है। इसमें नींबू रस की कुछ बूंदें मिलाएं ताकि आप चक्रीय सिरदर्द से भी बच सकें।

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3. लाल मिर्च-


लाल मिर्च रक्तसंचार को बढ़ाता है और रक्त प्रवाह में सुधार लाता है। लाल मिर्च में पाए जाने वाला कैपसिएसिन उन तंत्रिकासंचारकों को सुस्त करता है जो मस्तिष्क में दर्द का आवेग पहुंचाते हैं। लाल मिर्च को गुनगुने पानी में मिलाकर पीएं। आप चाहें तो इसमें नींबू का रस और शहद भी मिला सकते हैं।

4. हर्बल चाय-


पेपरमिंट और कैमोमिल दोनों हर्बल चाय में प्रज्वलनरोधी और अंग-ग्रह नाशक गुण होते हैं, साथ ही वे पीड़ा हटाने वाले प्रभाव भी पैदा करते हैं। आप चाहें तो अपनी कनपटी पर पेपरमिंट तेल की मालिश भी कर सकते हैं या सिर्फ इसे सूंघने से भी बात बन जाएगी।

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5. फ़ीवरफ्यू (एक प्रकार की जड़ी-बूटी)-


फ़ीवरफ्यू में पाया जाने वाला पार्थेनोलाइड तत्व जकड़ से राहत दिलाता है, सूजन से बचाता है, और प्राकृतिक दर्द निवारक के रूप में कार्य करता है। आप चाहें तो फ़ीवरफ्यू की चाय बनाकर या फिर २-३ ताज़े पत्ते ऐसे ही चबा और खाकर उसे ग्रहण कर सकते हैं।

6. अदरक-


कई अध्ययनों में पाया गया है कि अदरक साधारण माइग्रेन के इलाज में कारगर मदद कर सकता है। अदरक प्रोस्टैग्लैंडिन्स को रोकता है, जो मांसपेशियों में सिकुड़न पैदा करते हैं। साथ ही यह हार्मोन पर भी प्रभाव डालता है और मस्तिष्क की रक्त वाहिकाओं में हुई किसी भी प्रकार की सूजन को कम करता है। वहीं अदरक मस्तिष्क में रक्त प्रवाह को भी बढ़ावा देता है। अदरक की चाय पीएं या फिर ऐसे ही चबाएं। इससे आपको मितली (जी मचलना) से भी राहत मिलती है।

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7. गेहूं के अंकुर-


अंकुरित गेहूं में नियासिन, या विटामिन बी३, होता है जो माइग्रेन के दर्द को दूर करने में काफी प्रभावशाली होता है। इसे सलाद, सीरियल्स या दही पर छिड़कें, या फिर चाय की तरह लें। नियासिन के दूसरे स्रोतों में चिकन, मूंगफली, हरी सब्ज़ियां, टमाटर, ट्यूना और सैल्मन मछली शामिल हैं।

8. लहसुन-


लहसुन में पाए जाने वाले प्रज्वलनरोधी और जीवाणुनाशक गुण इसे माइग्रेन में एक बेहतरीन उपचार बनाते हैं। लहसुन का कच्चा लौंग चबाएं या पीसकर उसका पेस्ट बना लें और प्रभावित जगह पर लेप लगाएं।

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9. सेब-


अध्ययनों में पाया गया है कि हरे सेब की सुगंध, माइग्रेन के दर्द की तीव्रता और अवधि को कम करने में मदद करते हैं। एक सेब खाने से भी उतने ही फायदे मिलेंगे।

10. सेब का सिरका-


एक ग्लास पानी में एक बड़ा चम्मच सेब का सिरका मिलाएं और रोज़ाना पीएं। आप चाहें तो इसमें शहद भी मिला सकते हैं।

11. मेहंदी-


मेहंदी के ठंडक पहुंचाने वाले गुण माइग्रेन का इलाज करने में काफी कारगर साबित होते हैं। मेहंदी के फूलों को सिरके में डुबोएं और प्रभावित जगह पर लगाएं।

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12. पत्तागोभी के पत्ते-


इन पत्तों को थोड़ा निचोड़कर उसे एक कपड़े में बांध लें और फिर पत्तागोभी सहित उस कपड़े को सोने से पहले अपने माथे पर बांध लें।

13. वसंती गुलाब का तेल-


वसंती गुलाब के तेल में पाए जाने वाले प्रज्वलनरोधी गुण सख्त रक्त वाहिकाओं को आराम पहुंचाने में मदद करते हैं। इसे अपने माथे पर लगाएं, सूंघें या फिर पानी और शहद में मिलाकर पीएं। आप चाहें तो इसकी जगह तुलसी या लैवेन्डर तेल का इस्तेमाल भी कर सकते हैं।

14. नींबू के छिलके-


आप शायद जानकर चौंक जाएंगे लेकिन नींबू के छिलकों को पीसकर माथे पर लगाने से माइग्रेन के दर्द छुटकारा मिलता है। इसे पानी में उबालकर पी भी सकते हैं।

15. चंदन की लकड़ी-


ताज़े चंदन की लकड़ी की जड़ों को पीसकर पेस्ट बनाएं और उसे माथे पर लगाएं। फिर उसे कुछ देर तक सूखने दें, और बाद में रगड़कर साफ कर दें।

माइग्रेन का घरेलु उपचार

आपके शरीर में पानी की कमी होने पर भी गंभीर सिरदर्द पैदा होने का खतरा रहता है। इसलिए, दिन भर में पर्याप्त पानी पीते रहें साथ ही जब माइग्रेन का हमला हो तब भी पेट भर पानी पीएं। हल्का गर्म या कमरे के तापमान के बराबर पानी लें ताकि आपका मस्तिष्क जाम ना हो। कनपटी, माथे और गर्दन के पिछले हिस्से को बर्फ से सेंकना भी काफी कारगर साबित होता है। सिर की नियमित मालिश भी माइग्रेन की अवधि और उसके बार-बार लौटने को कम कर सकता है। इनके अलावा, माइग्रेन से राहत के लिए आप योग और ध्यान करने जैसी विश्राम तकनीकों का प्रयोग भी कर सकते हैं।

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